Meaning of

जहन्नुम

jahannum • جہنم

नरक; अग्निकुंड

hell; inferno

جہنم; دوزخ

Arabic

अब मेरी भी ऐसी हो क़िस्मत ज़रूरी तो नहीं
हुस्न की मुझ को मिले उल्फ़त ज़रूरी तो नहीं

गर जहन्नुम ही रही है ज़िन्दगी सारी मेरी
बा'द मरने के मिले जन्नत ज़रूरी तो नहीं

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जहन्नुम कर दिया है ज़िन्दगी को
तुम्हारी ऐसी की तैसी मोहब्बत

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बना कर हम ने दुनिया को जहन्नुम
ख़ुदा का काम आसाँ कर दिया है

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न सिर्फ़ ये कि जहन्नुम ख़िताब में भी नहीं
अली के मानने वालों के ख़्वाब में भी नहीं

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जन्नत से तो वैसे भी तअल्लुक़ नहीं कोई
अल्लाह जहन्नम को मेरे शर से बचाए

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मैं जहन्नम भी ख़ुशी से काट लूँगा
हाँ ग़ज़ल यूट्यूब पे हाफ़ी की हो बस

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छोड़कर तन्हा मुझे जन्नत में रहने लग गए हो
और मैं ने ज़िन्दगीं कर ली जहन्नम शा'इरी में

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तेरे दिल को मैं ने जन्नत समझा था पर
लोग वहाँ ज़्यादा थे, वो था एक जहन्नम

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ख़ता ऐसी भी क्या कर दी जहन्नम ने
जहन्नम को जहन्नम क्यूँ मिली आख़िर

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इश्क़ में नाकाम होकर ख़ुद-कुशी कर ली मैं ने,
इक अपाहिज को जहन्नम लगती है ये ज़िंदगी

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अब मेरी भी ऐसी हो क़िस्मत ज़रूरी तो नहीं
हुस्न की मुझ को मिले उल्फ़त ज़रूरी तो नहीं

गर जहन्नुम ही रही है ज़िन्दगी सारी मेरी
बा'द मरने के मिले जन्नत ज़रूरी तो नहीं

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जहन्नुम कर दिया है ज़िन्दगी को
तुम्हारी ऐसी की तैसी मोहब्बत

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जहन्नुम अग्नि यातना और अनंत दंड की छवियों को उभारता है। कविता में, यह अक्सर आत्मा के आंतरिक संघर्ष और पीड़ा का प्रतीक होता है, जो मानव अस्तित्व के अंधेरे पहलुओं को दर्शाता है।

कवि जहन्नुम का उपयोग अपराधबोध की पीड़ा या अधूरी इच्छाओं के निराशा को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह उन व्यक्तिगत नरकों के लिए एक रूपक के रूप में कार्य करता है जिन्हें हम सहते हैं।

जहन्नुम मानव पीड़ा की अग्निमय गहराइयों और भीतर की छायाओं को दर्शाता है।