Meaning of

जीस्त

jeest • زیست

जीवन; अस्तित्व

life; existence

زندگی; وجود

Persian

किताब-ए-ज़ीस्त पढ़ते-पढ़ते थक गए
किताब-ए-मौत लाके मुझ को दे कोई

3

Download Image

इश्क़ से तबीअत ने ज़ीस्त का मज़ा पाया
दर्द की दवा पाई दर्द-ए-बे-दवा पाया

29

Download Image

हर गाम तेरे इश्क़ का इकरार है मैं हूँ
ज़ंजीर है ज़ंजीर की झनकार है मैं हूँ

ऐ ज़ीस्त जो सब सेे बड़ी फ़नकार है तू है
और तुझ सेे बड़ा वो जो अदाकार है मैं हूँ

22

Download Image

ज़ीस्त की खोखली हैहात पे रह जाते हैं
वो जो कमज़र्फ़ हैं, औक़ात पे रह जाते हैं

ओढ़ लेती है शराफ़त की रिदा रोज़ सहर
और इल्ज़ाम फ़क़त रात पे रह जाते हैं

12

Download Image

अधूरे ज़ीस्त के मिसरे ग़ज़ल कोई अधूरी सी
क़वाफ़ी से बदलते तुम मेरी फ़ितरत रदीफ़ों सी

8

Download Image

मोहब्बत से निकलना जो कभी तो देखना तुम
किताब-ए-ज़ीस्त के पन्नों में लिक्खा क्या गया था

6

Download Image

बे-वफ़ा ज़ीस्त बुलबुला निकली
कट गई उम्र आँख मलते ही

4

Download Image

दिल ए मरीज़ ने दिल से तुझे पुकारा है
तू मेरी ज़ीस्त का अब आख़िरी सहारा है

4

Download Image

ज़ीस्त है मुझ सेे ख़फ़ा लेकिन गिला कोई नहीं
मसअला ये है कि मेरा मसअला कोई नहीं

कट रही है ज़िंदगी बेकार फ़ुर्सत में यूँँ ही
मश्ग़ला ये है कि मेरा मश्ग़ला कोई नहीं

3

Download Image

मौत से कर के दोस्ती हम भी
ज़ीस्त से इंतिक़ाम लेते हैं

3

Download Image

किताब-ए-ज़ीस्त पढ़ते-पढ़ते थक गए
किताब-ए-मौत लाके मुझ को दे कोई

3

Download Image

इश्क़ से तबीअत ने ज़ीस्त का मज़ा पाया
दर्द की दवा पाई दर्द-ए-बे-दवा पाया

29

Download Image

जीस्त स्वयं जीवन के सार को समेटे हुए है, अनुभवों, भावनाओं और समय के प्रवाह से भरी एक यात्रा। कविता में, यह अक्सर अस्तित्व की क्षणभंगुर प्रकृति और इसके क्षणिक पलों में पाई जाने वाली सुंदरता पर विचार करता है।

कवि जीस्त का उपयोग जीवन की समृद्धि, परिवर्तन की अनिवार्यता, और क्षणिक अनुभवों की मार्मिक सुंदरता की खोज के लिए करते हैं।

जीस्त समय और अस्तित्व के बीच के नाजुक नृत्य की याद दिलाता है।