Meaning of

ख़ुदा-ए-यकता

khuda-e-yakta • ظلم و ستم

एकमात्र ईश्वर; अद्वितीय देवता

one God; singular deity

واحد خدا; منفرد معبود

Arabic

क्या ये भी किसी जंग के ऐलान से कम है
हम सह के तेरे ज़ुल्म-ओ-सितम घूम रहे हैं

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ख़ुदा जाने वो ऐसे कैसे क्यूँ ये मर्द पाले हैं
सियासी लोग अपने दल में दहशतगर्द पाले हैं

किया करते हैं जो ज़ुल्म-ओ-सितम हर बेबसों पर यूँँ
वो अपने आस्तीनों में फ़क़त बे-दर्द पाले हैं

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ज़माने के ज़ुल्म-ओ-सितम देख लो
मिरी ज़िंदगी के भी ग़म देख लो

क़यामत से बढ़कर रहे हैं सभी
कमर के न मानो तो ख़म देख लो

मोहब्बत तो करने चले हो मगर
मोहब्बत में क्या-क्या हैं ग़म देख लो

ये ख़ंजर चलाने से पहले सुनो
मिरा हाल तो कम से कम देख लो

अरे अब के ज़ाहिद भी पीने लगे
न मानो तो दैर-ओ-हरम देख लो

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मुझ को ज़ुल्म ओ सितम से है मारा गया
फूल को ख़ार से यूँँ सँवारा गया

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देख कर ज़ुल्म-ओ-सितम मज़लूम पर
आज फिर इंसानियत शर्मा गई

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हज़रत-ए-दिल पे इतने ज़ुल्म-ओ-सितम
हुस्न-दाँ मत करो ख़ुदा के लिए

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ख़ुद ब ख़ुद बुझ जाएँगे ज़ुल्म-ओ-सितम के सब दिए
सब जलाएँ गर जो इंसाफ़- ओ- अदल का इक दिया

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पड़ेगा कूदना मँझधार में गर चाहिए मोती
किसी ने भी नहीं पाया कभी मोती किनारों पर

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क्या ये भी किसी जंग के ऐलान से कम है
हम सह के तेरे ज़ुल्म-ओ-सितम घूम रहे हैं

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ख़ुदा जाने वो ऐसे कैसे क्यूँ ये मर्द पाले हैं
सियासी लोग अपने दल में दहशतगर्द पाले हैं

किया करते हैं जो ज़ुल्म-ओ-सितम हर बेबसों पर यूँँ
वो अपने आस्तीनों में फ़क़त बे-दर्द पाले हैं

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यह शब्द ईश्वर की एकता और अद्वितीयता को व्यक्त करता है। कविता में, यह अक्सर परम सत्य और भक्ति के एकमात्र केंद्र का प्रतीक होता है, जो सांसारिक चिंताओं की बहुलता से परे होता है।

कवि इस शब्द का उपयोग परम भक्ति और एकमात्र दिव्य उपस्थिति के प्रति समर्पण को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह दुनिया के अराजकता के विपरीत शांति और एकता की भावना प्रदान करता है।

अपनी अद्वितीयता में, 'ख़ुदा-ए-यकता' अस्तित्व की एकता पर गहन चिंतन प्रदान करता है। यह आत्मा को दिव्यता की एकता में सांत्वना खोजने के लिए आमंत्रित करता है।