Meaning of

ख़्वा

khwa • خوا

इच्छा; कामना

desire; wish

خواہش; آرزو

Persian

आज पलटे जो ख़्बाब के पन्ने
मैं ने दिल की किताब के पन्ने

वक़्त ने देख मोड़ रक्खे हैं
तेरे हुस्नो शबाब के पन्ने

76

Download Image

गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है
मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है

267

Download Image

मैं चाहता हूँ मोहब्बत मेरा वो हाल करे
कि ख़्वाब में भी दोबारा कभी मजाल न हो

136

Download Image

ख़्वाबों को आँखों से मिन्हा करती है
नींद हमेशा मुझ सेे धोखा करती है

उस लड़की से बस अब इतना रिश्ता है
मिल जाए तो बात वग़ैरा करती है

113

Download Image

कभी जो ख़्वाब था वो पा लिया है
मगर जो खो गई वो चीज़ क्या थी

96

Download Image

अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें
जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिलें

95

Download Image

मेरा अरमान मेरी ख़्वाहिश नहीं है
ये दुनिया मेरी फ़रमाइश नहीं है

मैं तेरे ख़्वाब वापस कर रहा हूँ
मेरी आँखों में गुंजाइश नहीं है

89

Download Image

ख़्बाब आँखों में बंद कर लेते
बात गर दिल की चंद कर लेते

आप भी हो ही जाते दीवाने
गर किसी को पसंद कर लेते

87

Download Image

तुझ को छू कर और किसी की चाह रखें
हैरत है और लानत ऐसे हाथों पर

83

Download Image

मत बताना कि बिखर जाएँ तो क्या होता है
नईं नस्लों को नए ख़्वाब सजाने देना

79

Download Image

आज पलटे जो ख़्बाब के पन्ने
मैं ने दिल की किताब के पन्ने

वक़्त ने देख मोड़ रक्खे हैं
तेरे हुस्नो शबाब के पन्ने

76

Download Image

गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है
मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है

267

Download Image

अपने मूल अर्थ में, 'ख़्वा' दिल की मौन इच्छाओं, आत्मा में बसे अनकहे अरमानों की बात करता है। कविता ने इस शब्द को अपनाया है ताकि मानव की गहरी लालसाओं की गहराईयों को खोजा जा सके, जहाँ सपने और हकीकत अक्सर धुंधले हो जाते हैं।

'ख़्वा' का उपयोग कवि अधूरी इच्छाओं की कोमल परंतु तीव्र भावनाओं को जगाने के लिए करते हैं। यह अक्सर उन छंदों में प्रकट होता है जो आशा और निराशा के बीच के तनाव, जो चाहा गया है और जो है, के बीच की खोज करते हैं।

कविता के क्षेत्र में, 'ख़्वा' दिल की गहरी लालसाओं का एक माध्यम बन जाता है, आत्मा के मौन सपनों को प्रतिबिंबित करने वाला एक दर्पण।