Meaning of

लज्जा

lajja • لجا

शर्म; संकोच; लज्जा

shame; modesty; embarrassment

شرم; حیا; لجاجت

Sanskrit

नींद में ख़्वाब कैसे सजाते थे हम
चूम कर गाल कैसे लजाते थे हम

आज तक प्रश्न का हल मिला ही नहीं
आग पानी में कैसे लगाते थे हम

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लजा कर शर्म खा कर मुस्कुरा कर
दिया बोसा मगर मुँह को बना कर

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शे'र सुन कर न यूँँ तुम लजाना सनम
अपने बच्चों को इनको सुनाना सनम

रूठ जाऊँ मैं तुम से कभी भी अगर
आ के तुम, तालु में, गुदगुदाना सनम

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इक लजाते से गुलाबी गुल को मैं ने छू लिया था
आप के नाज़ुक लबों से प्यार मुझ को हो गया था

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यूँँ मेरा नाम सुनते ही लजाकर के सिहर जाना
ये हालत है तो फिर समझो उसे मुझ सेे मुहब्बत है

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नींद में ख़्वाब कैसे सजाते थे हम
चूम कर गाल कैसे लजाते थे हम

आज तक प्रश्न का हल मिला ही नहीं
आग पानी में कैसे लगाते थे हम

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लजा कर शर्म खा कर मुस्कुरा कर
दिया बोसा मगर मुँह को बना कर

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लज्जा समाज के नियमों और व्यक्तिगत सीमाओं का भार वहन करती है, जो अक्सर इच्छा और संयम के बीच आंतरिक संघर्ष की भावना को उजागर करती है। कविता में, यह केवल शर्म की भावना नहीं है, बल्कि भावनाओं का एक जटिल खेल है जो व्यक्ति के आंतरिक नैतिक दिशा-निर्देशों को दर्शाता है।

कवियों ने अक्सर लज्जा का उपयोग प्रेम और सम्मान के विषयों की खोज के लिए किया है, जहाँ एक पात्र की विनम्रता सच्ची भावनाओं को व्यक्त करने में बाधा बन जाती है। इसे साहस के विपरीत दिखाया जाता है, जो सामाजिक अपेक्षाओं और व्यक्तिगत इच्छाओं के बीच तनाव को उजागर करता है।

लज्जा समाज के नियमों और व्यक्तिगत सच्चाइयों के बीच नाजुक नृत्य का दर्पण है। यह गरिमा की एक मूक संरक्षक है।