Meaning of

मआ'ज़-अल्लाह

ma'az-Allah • معاذ اللہ

ख़ुदा न करे; अल्लाह बचाए

God forbid; may God protect

خدا نہ کرے; اللہ بچائے

Arabic

'मआ'ज़-अल्लाह' एक दुआ है जो अल्लाह की हिफाज़त के लिए की जाती है, अक्सर किसी अप्रिय घटना की संभावना को टालने के लिए। कविता में, यह विनम्रता और श्रद्धा का भाव लिए होता है, जो मानव सीमाओं और ईश्वर की सर्वोच्च शक्ति को स्वीकार करता है।

कवि 'मआ'ज़-अल्लाह' का उपयोग दिव्य हस्तक्षेप की भावना को जगाने के लिए करते हैं। यह अक्सर उन पंक्तियों में आता है जहाँ वक्ता भाग्य या नियति से सुरक्षा चाहता है। यह वाक्यांश मानव अहंकार के विपरीत हो सकता है, विनम्रता की आवश्यकता को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'मआ'ज़-अल्लाह' ईश्वर की उपस्थिति की एक कोमल याद दिलाता है। यह सच्चे ज्ञान के साथ आने वाली विनम्रता को रेखांकित करता है।