Meaning of

मातम-ए-शौक़

maatam-e-shauq • ماتم شوق

शौक़ का मातम; इच्छा का विलाप

mourning of passion; lament of desire

شوق کا ماتم; خواہش کا نوحہ

Persian

यह वाक्यांश गहरी उदासी को दर्शाता है जो चाहत के साथ जुड़ी होती है। कविता में, यह एक दिल की भावना को दर्शाता है जो अपनी इच्छाओं का मातम करता है, केवल खोई हुई चीज़ों के लिए नहीं बल्कि उन अधूरी इच्छाओं के लिए भी।

कवियों द्वारा इस वाक्यांश का उपयोग अक्सर अधूरी इच्छाओं की कड़वाहट को व्यक्त करने के लिए किया जाता है। यह अप्राप्य के लिए एक विलाप है, एक पुकार है उस चीज़ के लिए जिसे दिल चाहता है लेकिन पा नहीं सकता।

कविता की दुनिया में, 'मातम-ए-शौक़' दिल के शाश्वत संघर्ष का प्रमाण है जो इच्छा और वास्तविकता के बीच होता है।