Meaning of

महशर-ख़िराम

mahshar-khiraam • خوابی دہ فتنہ

महाशय के दिन की अफ़रा-तफ़री में चलने वाला; एक सुंदर आवारा

one who walks in the chaos of Judgment Day; a graceful wanderer

قیامت کے دن کی ہلچل میں چلنے والا; ایک خوبصورت آوارہ

Persian

महशर-ख़िराम उस व्यक्ति की छवि प्रस्तुत करता है जो अफ़रा-तफ़री के बीच में भी सुंदरता से चलता है, जैसे महाशय के दिन की तूफ़ान में नृत्य करता हुआ। कविता में, यह जीवन के उथल-पुथल भरे क्षणों को पार करने के लिए आवश्यक सुंदरता और संतुलन का प्रतीक है।

कवि महशर-ख़िराम का उपयोग उन पात्रों को चित्रित करने के लिए करते हैं जो अफ़रा-तफ़री के बीच अपनी सुंदरता बनाए रखते हैं। यह अव्यवस्था या अनाड़ीपन को दर्शाने वाले शब्दों के विपरीत है, जो संतुलन की सुंदरता को उजागर करता है।

महशर-ख़िराम जीवन के तूफ़ानों में सुंदरता के नृत्य का प्रतीक है, विपत्ति में सुंदरता की याद दिलाता है।