Meaning of

महव-ए-जमाल

mahv-e-jamaal • محو جمال

सौंदर्य में मग्न; मोहित

absorbed in beauty; enraptured

حسن میں محو; مسحور

Persian

'महव-ए-जमाल' शब्द किसी चीज़ या व्यक्ति की सुंदरता में पूरी तरह से मग्न होने की स्थिति का सुझाव देता है। कविता में, यह अक्सर प्रशंसा या प्रेम में खो जाने की भावना को व्यक्त करता है, जहाँ आत्मा सुंदरता की वस्तु में विलीन हो जाती है, एक गहरा संबंध बनाती है।

कवि 'महव-ए-जमाल' का उपयोग सुंदरता की प्रबल शक्ति और आत्मा को मोहित करने की उसकी क्षमता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह प्रेम या दिव्यता के प्रति आत्मसमर्पण को दर्शा सकता है, जहाँ सांसारिक चिंताएँ मिट जाती हैं।

सुंदरता की मौन दृष्टि में, 'महव-ए-जमाल' एक ब्रह्मांड पाता है जहाँ समय स्थिर हो जाता है।