Meaning of

मज्लिस-ए-ग़ैर

majlis-e-ghair • مجلس غیر

अजनबियों की सभा; बाहरी लोगों की महफ़िल

gathering of strangers; assembly of outsiders

اجنبیوں کی محفل; باہر والوں کی مجلس

Persian

मूल रूप से 'मजलिस-ए-ग़ैर' का अर्थ है ऐसी सभा जहाँ व्यक्ति अपने आप को अजनबी महसूस करता है, अपरिचित चेहरों से घिरा हुआ। कविता में, यह अलगाव और परायापन की भावनाओं को जगाता है, जहाँ दिल अजनबियों के बीच अपनापन खोजता है।

अक्सर कवि के आंतरिक संघर्ष को दर्शाने के लिए उपयोग किया जाता है। आत्म और दुनिया के बीच के विरोधाभास को उजागर करता है। अपरिचितता के समुद्र में जुड़ाव की लालसा को बल देता है।

'मजलिस-ए-ग़ैर' के शांत कोनों में, आत्मा अपनी ही प्रतिछाया खोजती है। यह हमारे अनंत अपनापन की खोज की मार्मिक याद दिलाता है।