Meaning of

मकरूह

makrooh • مکروہ

अप्रिय; आपत्तिजनक; घृणास्पद

disliked; offensive; abominable

ناپسندیدہ; قابل اعتراض; مکروہ

Arabic

'मकरूह' का मूल अर्थ किसी अप्रिय या नापसंद चीज़ से है। कविता में, यह नैतिक या भावनात्मक घृणा का भाव प्रकट करता है, जो आंतरिक संघर्ष या सामाजिक अस्वीकृति की भावना को उजागर करता है।

'मकरूह' का उपयोग कवि इच्छा और नैतिकता के बीच तनाव को उजागर करने के लिए करते हैं। यह अक्सर वर्जित प्रेम या सामाजिक वर्जनाओं की खोज करने वाले छंदों में दिखाई देता है।

'मकरूह' आंतरिक उथल-पुथल और सामाजिक सीमाओं के सार को पकड़ता है, जो काव्यात्मक अन्वेषण के लिए एक समृद्ध ताना-बाना प्रस्तुत करता है।