Meaning of

मलाल-ए-शाम-ए-ग़म

malaal-e-shaam-e-gham • ملال شام غم

ग़म की शाम का मलाल

regret of the evening of sorrow

غم کی شام کا ملال

Persian

मलाल-ए-शाम-ए-ग़म उस मार्मिक पछतावे को पकड़ता है जो ग़म की सांझ के साथ आता है। यह उस स्थायी उदासी की बात करता है जो दिन के दुःख के बसने के बाद बनी रहती है, खोए हुए पर एक शांत चिंतन।

कवि 'मलाल-ए-शाम-ए-ग़म' का उपयोग अतीत के दुःखों को याद करने की कड़वी-मीठी प्रकृति को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एक प्रकार की पुरानी यादों की भावना को जागृत कर सकता है, जो कभी था उसके लिए लालसा, भले ही वह दर्दनाक था।

मलाल-ए-शाम-ए-ग़म हमें याद दिलाता है कि दुःख में भी, चिंतन और समय के प्रवाह में सुंदरता है।