Meaning of
मलाल-ए-शाम-ए-ग़म
malaal-e-shaam-e-gham • ملال شام غم
Hindi
ग़म की शाम का मलाल
English
regret of the evening of sorrow
Urdu
غم کی شام کا ملال
Origin
Persian
Nuance
मलाल-ए-शाम-ए-ग़म उस मार्मिक पछतावे को पकड़ता है जो ग़म की सांझ के साथ आता है। यह उस स्थायी उदासी की बात करता है जो दिन के दुःख के बसने के बाद बनी रहती है, खोए हुए पर एक शांत चिंतन।
Poetic Usage
कवि 'मलाल-ए-शाम-ए-ग़म' का उपयोग अतीत के दुःखों को याद करने की कड़वी-मीठी प्रकृति को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एक प्रकार की पुरानी यादों की भावना को जागृत कर सकता है, जो कभी था उसके लिए लालसा, भले ही वह दर्दनाक था।
Closing Insight
मलाल-ए-शाम-ए-ग़म हमें याद दिलाता है कि दुःख में भी, चिंतन और समय के प्रवाह में सुंदरता है।