Meaning of

मरीज़-ए-हसरत

mareez-e-hasrat • مریض حسرت

लालसा का रोगी; इच्छा का पीड़ित

patient of longing; sufferer of desire

آرزو کا مریض; خواہش کا مبتلا

Persian

‘मरीज़-ए-हसरत’ शब्द उस व्यक्ति की छवि प्रस्तुत करता है जो अधूरी इच्छाओं से गहराई से पीड़ित है। अपने मूल अर्थ में, यह एक ऐसे व्यक्ति का सुझाव देता है जो अपनी तीव्र लालसा के कारण रूपक रूप में बीमार है। कविता ने इस शब्द को मानव लालसा की गहराई का पता लगाने के लिए अपनाया है, जो अप्राप्य सपनों के भावनात्मक उथल-पुथल को पकड़ता है।

कवि अक्सर 'मरीज़-ए-हसरत' का उपयोग उन पात्रों को चित्रित करने के लिए करते हैं जो अपनी इच्छाओं के जाल में फंसे होते हैं। इसका उपयोग अप्राप्त प्रेम के दर्द, उन सपनों की पीड़ा को व्यक्त करने के लिए किया जाता है जो बस पहुंच से बाहर रहते हैं, और एक ऐसे दिल की उदासी को व्यक्त करने के लिए किया जाता है जो बिना पूर्ति के तरसता है।

कविता के क्षेत्र में, 'मरीज़-ए-हसरत' मानव स्थिति की एक मार्मिक याद दिलाता है - हमेशा तरसता हुआ, हमेशा अधूरा।