Meaning of
मश्क़-ए-सितम
mashq-e-sitam • مشک ستم
Hindi
अत्याचार का अभ्यास; क्रूरता का प्रयोग
English
practice of tyranny; exercise of cruelty
Urdu
ظلم کی مشق; ظلم کا استعمال
Origin
Persian
Nuance
'मश्क़-ए-सितम' का मूल अर्थ है क्रूरता या अत्याचार का नियमित अभ्यास। काव्यात्मक रूप से, यह अक्सर भाग्य या मानव क्रियाओं द्वारा उत्पन्न पीड़ा की निरंतरता का प्रतीक होता है, जो सहनशीलता और दृढ़ता की भावना को उभारता है।
Poetic Usage
कवि 'मश्क़-ए-सितम' का उपयोग पीड़ा और सहनशीलता के विषयों में गहराई से जाने के लिए करते हैं। यह अक्सर व्यक्तियों द्वारा सामना की जाने वाली निरंतर परीक्षाओं का वर्णन करने के लिए उपयोग किया जाता है, चाहे वह बाहरी ताकतों से हो या आंतरिक संघर्षों से। यह शब्द विपत्ति के सामने दुखद सुंदरता की भावना को उभार सकता है।
Closing Insight
कविता के क्षेत्र में, 'मश्क़-ए-सितम' पीड़ा में पाई जाने वाली सुंदरता के विरोधाभास को पकड़ता है।