Meaning of

मसरूफ़-ए-फ़ुग़ाँ

masroof-e-fughaan • مصروف فغاں

विलाप में व्यस्त; शोक में लीन

engaged in lamentation; occupied with mourning

ماتم میں مشغول; غم میں مصروف

Persian

यह वाक्यांश गहरे शोक में डूबे होने की भावना को जगाता है, जहाँ व्यक्ति का पूरा अस्तित्व विलाप के कार्य में लीन हो जाता है। कविता में, यह दुःख के साथ गहरे संबंध का प्रतीक हो सकता है, जहाँ हृदय आँसुओं के माध्यम से अपनी आवाज़ पाता है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग एक ऐसे पात्र को चित्रित करने के लिए करते हैं जो शोक की गहराइयों में खो गया है। यह एक ऐसी स्थिति का भी सुझाव दे सकता है जहाँ विलाप एक प्रकार की अभिव्यक्ति बन जाता है, अव्यक्त को व्यक्त करने का एक तरीका। आनंद या शांति के विपरीत यह भावना की तीव्रता को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, मसरूफ़-ए-फ़ुग़ाँ दुःख की स्थायी शक्ति का प्रमाण है, जो एक बोझ और एक प्रेरणा दोनों है।