Meaning of
मस्त-ए-ख़िराम
mast-e-khiraam • مست خرام
Hindi
सौम्य नशा; सुरुचिपूर्ण भटकाव
English
graceful intoxication; elegant wandering
Urdu
مست خرام; شائستہ سرگردانی
Origin
Persian
Nuance
'मस्त-ए-ख़िराम' अपने ही संसार में आनंदपूर्वक खो जाने की स्थिति का सुझाव देता है, एक ऐसी सुरुचिपूर्ण चाल के साथ जो मोहित कर लेती है। यह एक शांत नशा है, जहाँ आत्मा अपनी ही धुन पर नृत्य करती है।
Poetic Usage
कवि 'मस्त-ए-ख़िराम' का उपयोग उन पात्रों को चित्रित करने के लिए करते हैं जो अपने आसपास की दुनिया से आनंदपूर्वक अनजान होते हैं। यह अक्सर एक प्रेमी की मोहक उपस्थिति या एक रहस्यवादी की शांत यात्रा का वर्णन करता है।
Closing Insight
कविता में 'मस्त-ए-ख़िराम' आत्मा का एक नृत्य है, जो निर्बाध और स्वतंत्र है।