Meaning of

मस्त-ए-शराब-ए-गुलगूँ

mast-e-sharaab-e-gulgoo'n • مست شراب گلگوں

लाल शराब से मस्त; सुंदरता से अभिभूत

intoxicated by crimson wine; overwhelmed by beauty

سرخ شراب سے مست; حسن سے مغلوب

Persian

यह वाक्यांश केवल शराब से नहीं, बल्कि जीवन की जीवंतता से गहराई से मस्त होने का भाव जगाता है। यह एक ऐसी स्थिति का संकेत देता है जहाँ वास्तविकता और कल्पना के बीच की सीमाएँ धुंधली हो जाती हैं, और व्यक्ति सुंदरता के आकर्षण में खो जाता है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग किसी चरित्र या क्षण का वर्णन करने के लिए करते हैं जो सुंदरता या जुनून से अभिभूत होता है। यह कल्पना और सपनों की दुनिया में पलायन की लालसा का भी संकेत दे सकता है।

कविता में, यह वाक्यांश सुंदरता में खो जाने के सार को पकड़ता है, जहाँ वास्तविकता फीकी पड़ जाती है और कल्पना का राज होता है।