Meaning of
मस्त-ए-तरब
mast-e-tarab • مست طرب
Hindi
आनंद में मस्त; उल्लासित
English
intoxicated with joy; ecstatic
Urdu
خوشی میں مست؛ سرشار
Origin
Persian
Ash'aar
Nuance
‘मस्त-ए-तरब’ शब्द आनंद के उस चरम को दर्शाता है जहाँ व्यक्ति खुद को भूलकर एक अलौकिक आनंद में खो जाता है। कविता में, इसे अक्सर एक दिव्य या रहस्यमय अनुभव के रूप में चित्रित किया जाता है, जो सांसारिकता से परे होता है।
Poetic Usage
कविता में 'मस्त-ए-तरब' का प्रयोग अत्यधिक आनंद या उल्लास को व्यक्त करने के लिए किया जाता है। यह अक्सर आध्यात्मिक जागृति या गहन प्रेम के क्षणों का वर्णन करने वाले छंदों में दिखाई देता है। यह दुःख या तड़प की अवस्थाओं के साथ विपरीतता में भी आता है, मानव भावनाओं की क्षणभंगुरता को उजागर करता है।
Closing Insight
कविता की दुनिया में, 'मस्त-ए-तरब' आनंद के क्षणिक नृत्य को पकड़ता है। यह हमें उन क्षणों की याद दिलाता है जो हमारी भावनात्मक भूमि को परिभाषित करते हैं।
