Meaning of
मता-ए-पास-ए-ग़ैरत
mata-e-paas-e-ghairat • متاع پاس غیرت
Hindi
गौरव की संपत्ति; प्रतिष्ठा की धरोहर
English
treasure of dignity; pride's possession
Urdu
عزت کا خزانہ; وقار کی ملکیت
Origin
Persian
Nuance
मूल रूप से, यह किसी मूल्यवान वस्तु को संदर्भित करता है जिसे व्यक्ति अपनी गरिमा की भावना से संरक्षित करता है। कविता में यह आत्म-सम्मान और गर्व के आंतरिक खजाने का प्रतीक बन गया है, जो अक्सर विपरीत परिस्थितियों में भी संजोए जाते हैं।
Poetic Usage
कवि इस वाक्यांश का उपयोग उस व्यक्ति की छवि को उभारने के लिए करते हैं जो अपनी गरिमा को सबसे ऊपर रखता है। यह अक्सर भौतिक संपत्ति के विपरीत होता है, जो चरित्र की समृद्धि को संपत्ति से ऊपर दर्शाता है।
Closing Insight
वह अमूर्त संपत्ति जो आत्मा को गरिमा प्रदान करती है।