Meaning of

मौज-ए-ग़म

mauj-e-gham • موج غم

दुःख की लहर; शोक की ज्वार

wave of sorrow; tide of grief

غم کی موج; غم کی لہر

Persian

'मौज-ए-ग़म' दुःख को एक विशाल महासागर के रूप में प्रस्तुत करता है, जिसमें लहरें उठती और गिरती हैं, हृदय को डुबो देती हैं। कविता में, यह शोक के उतार-चढ़ाव का प्रतीक है, एक निरंतर शक्ति जो भावनात्मक परिदृश्य को आकार देती है।

कवि 'मौज-ए-ग़म' का उपयोग दुःख की प्रबलता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। इसे अक्सर एक प्राकृतिक शक्ति के रूप में चित्रित किया जाता है, जो आत्मा के माध्यम से बहती है। यह छवि शांति के क्षणों के विपरीत है, मानव भावनाओं के चक्रीय स्वभाव को उजागर करती है।

'मौज-ए-ग़म' में, कवि हृदय के गहरे दुःखों की लय पाते हैं। यह शोक की स्थायी शक्ति का प्रमाण है।