Meaning of

मौज-ए-इज़्तिराब

mauj-e-iztiraab • موج اضطراب

अशांति की लहर; चिंता की तरंग

wave of unrest; surge of anxiety

اضطراب کی موج; بے چینی کی لہر

Persian

यह वाक्यांश उन भावनाओं की उथल-पुथल को पकड़ता है जो लहरों की तरह उठती और गिरती हैं। कविता में, यह आंतरिक अशांति और विरोधाभासी भावनाओं के निरंतर खींचतान को दर्शाता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग भावनात्मक संघर्ष की तीव्रता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर शांति के साथ विपरीत होता है, आंतरिक संघर्ष को उजागर करता है। यह मानवीय भावनाओं की अप्रत्याशित प्रकृति का प्रतीक भी हो सकता है।

अशांति की लहरों में, हृदय की सच्ची इच्छाएँ अक्सर प्रकट होती हैं।