Meaning of

मौज-ए-सर-गश्ता

mauj-e-sar-gashta • موج سر گشتہ

भटकती लहर; बेचैन आत्मा

wandering wave; restless spirit

بھٹکتی لہر; بے چین روح

Persian

'मौज-ए-सर-गश्ता' मूल रूप से एक दिशा खो चुकी लहर को संदर्भित करता है, जो बेचैनी और खोज का प्रतीक है। कविता में, यह अशांति में शांति की खोज करती आत्मा के सार को पकड़ता है।

कवि 'मौज-ए-सर-गश्ता' का उपयोग आंतरिक संघर्ष और शांति की लालसा को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह मानव स्थिति का रूपक है, जो इच्छा और पूर्ति के बीच फंसी है।

भटकती लहर में, कवि आत्मा का नृत्य पाते हैं। यह शांति की अनंत खोज का प्रमाण है।