Meaning of

मज़हर-ए-जल्वा-ए-जानाँ

mazhar-e-jalwa-e-jaanaan • مظہر جلوہ جاناں

प्रिय की आभा का प्रकट होना

manifestation of the beloved's radiance

محبوب کی جلوہ گری کا مظہر

Persian

यह वाक्यांश मूल रूप से प्रिय की सुंदरता और आकर्षण के प्रकट होने को दर्शाता है। काव्यात्मक रूप से, यह प्रिय की प्रबल उपस्थिति और आकर्षण को दर्शाता है, जो अक्सर एक आदर्श या दिव्य रूप का प्रतिनिधित्व करता है।

कवि अक्सर इस अभिव्यक्ति का उपयोग प्रिय की उपस्थिति के विस्मयकारी प्रभाव को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह परम सुंदरता या दिव्यता का प्रतीक हो सकता है, जो हृदय की गहरी प्रशंसा को पकड़ता है।

कविता में, 'मज़हर-ए-जल्वा-ए-जानाँ' प्रिय की पारलौकिक सुंदरता का प्रमाण बन जाता है।