Meaning of

मेहरूम

mehroom • محروم

वंचित; निर्धन

deprived; destitute

محروم; نادار

Arabic

महरूम ही रहता है वो इश्क़ की लज़्ज़त से
जब तक कि मोहब्बत में रुस्वा नहीं होता है

3

Download Image

दिल का गुलाब मैं ने जिसे चूम कर दिया
उस ने मुझे बहार से महरूम कर दिया

36

Download Image

हालात ने किसी से जुदा कर दिया मुझे
अब ज़िंदगी से ज़िंदगी महरूम हो गई

35

Download Image

न जाने कैसी महरूमी पस-ए-रफ़्तार चलती है
हमेशा मेरे आगे आगे इक दीवार चलती है

26

Download Image

ये भी इक रंग है शायद मिरी महरूमी का
कोई हँस दे तो मोहब्बत का गुमाँ होता है

25

Download Image

महरूम हूँ मैं ख़िदमत-ए-उस्ताद से 'मुनीर'
कलकत्ता मुझ को गोर से भी तंग हो गया

24

Download Image

रखे है लज़्ज़त-ए-बोसा से मुझ को गर महरूम
तो अपने तू भी न होंटों तलक ज़बाँ पहुँचा

20

Download Image

बहुत दिन हो गए महरूम हूँ अज़ीयत से
ख़ुदा के वास्ते आओ मुझे अज़ीयत दो

17

Download Image

हम वो महरूम-ए-तमन्ना कि भरी दुनिया में
अपने हिस्से की मुहब्बत भी नहीं कर पाए

16

Download Image

हम सेे न पूछो किस क़दर महरूम हैं हम लोग
हम हर किसी बारात को मय्यत समझते हैं

5

Download Image

महरूम ही रहता है वो इश्क़ की लज़्ज़त से
जब तक कि मोहब्बत में रुस्वा नहीं होता है

3

Download Image

दिल का गुलाब मैं ने जिसे चूम कर दिया
उस ने मुझे बहार से महरूम कर दिया

36

Download Image

'मेहरूम' का मूल अर्थ किसी आवश्यक या वांछित वस्तु से वंचित होना है। कविता में, यह शब्द अक्सर अधूरी इच्छाओं और अनुपस्थिति के दर्द को व्यक्त करता है, जिससे इसका भावनात्मक गहराई बढ़ जाती है।

'मेहरूम' का उपयोग कवि लालसा और हानि की भावनाओं को जगाने के लिए करते हैं। यह अक्सर अप्राप्त प्रेम, अधूरे सपनों या प्रियजन की अनुपस्थिति के बारे में छंदों में प्रकट होता है। यह शब्द प्रचुरता और पूर्ति के विपरीत है, वंचितता की कठोरता को उजागर करता है।

'मेहरूम' लालसा और अनुपस्थिति की मानवीय स्थिति का सार पकड़ता है। यह एक ऐसा शब्द है जो दिल की गहरी इच्छाओं के साथ गूंजता है।