Meaning of

मिस्रा-ए-मतला

misra-e-matla • مصرع مطلع

ग़ज़ल की पहली पंक्ति; प्रारंभिक शेर

opening line of a ghazal; introductory verse

غزل کا پہلا مصرع; ابتدائی شعر

Arabic

'मिस्रा-ए-मतला' ग़ज़ल की काव्यात्मक दुनिया का द्वार है। यह स्वर और विषय को स्थापित करता है, पाठक को कवि के ब्रह्मांड में आमंत्रित करता है। यह प्रारंभिक पंक्ति अपेक्षा का भार और आने वाले शेरों के वादे को वहन करती है। यह एक परिचय और एक नींव दोनों है, जिस पर पूरी ग़ज़ल निर्मित होती है।

कवि 'मिस्रा-ए-मतला' को सावधानी से गढ़ते हैं, यह जानते हुए कि इसे आकर्षक और रोचक होना चाहिए। इसमें अक्सर एक रूपक या एक प्रभावशाली छवि होती है। यह पंक्ति ग़ज़ल की भावनात्मक और बौद्धिक यात्रा को स्थापित करने में महत्वपूर्ण है।

'मिस्रा-ए-मतला' शुरुआत की शक्ति का प्रमाण है। यह हमें याद दिलाता है कि किसी भी यात्रा में पहला कदम अक्सर सबसे महत्वपूर्ण होता है।