Meaning of

मोह-माया

moh-maaya • مہ مایا

मोह और माया; सांसारिक इच्छाएँ

illusion and attachment; worldly desires

مَح اور مایا; دنیاوی خواہشات

Sanskrit

मोह-माया का मूल भाव सांसारिक आकर्षण और उनके द्वारा उत्पन्न भ्रांतियों को दर्शाता है। कविता में अक्सर इस द्वैत का अन्वेषण होता है, यह दिखाते हुए कि कैसे ये इच्छाएँ आत्मा को मोहित और बंधन में डाल सकती हैं, जिससे जीवन की क्षणभंगुरता की गहरी समझ उत्पन्न होती है।

कवि अक्सर 'मोह-माया' का उपयोग आध्यात्मिक ज्ञान और सांसारिक उलझनों के विपरीत करते हैं। यह इच्छाओं के जाल में फंसी आत्मा की छवि को उभारता है, जो मुक्ति की आकांक्षा करती है। इस शब्द का अक्सर त्याग और आंतरिक शांति के विषयों के साथ संयोजन किया जाता है।

मोह और वास्तविकता के नृत्य में, 'मोह-माया' जीवन की क्षणभंगुर सुंदरता की एक मार्मिक याद दिलाता है।