Meaning of

मोहर-ए-दहाँ

mohr-e-dahaan • مہر دہاں

होंठों की मुहर; मौन; विवेक

seal of the lips; silence; discretion

ہونٹوں کی مہر; خاموشی; احتیاط

Persian

‘मोहर-ए-दहाँ’ का भाव होंठों पर लगी मुहर का है, जो गहरे मौन या विवेक का संकेत देता है। कविता में यह मौन केवल शब्दों की अनुपस्थिति नहीं है, बल्कि एक जानबूझकर किया गया चयन है, जो अक्सर भावनात्मक भार से भरा होता है।

कवि अक्सर ‘मोहर-ए-दहाँ’ का उपयोग अनकहे प्रेम, छुपे हुए सत्य या रहस्यों के बोझ को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह खुले अभिव्यक्ति के विपरीत है, जो अनकहे की शक्ति को उजागर करता है।

कविता की दुनिया में, मौन बहुत कुछ कहता है। ‘मोहर-ए-दहाँ’ संयम की वाक्पटुता को पकड़ता है।