Meaning of

मुह़ब्बत

muhabbat • محبت

प्रेम; स्नेह; लगाव

love; affection; passion

محبت; عشق; پیار

Arabic

ज़िंदगी किस तरह बसर होगी
दिल नहीं लग रहा मोहब्बत में

163

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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो
तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो

ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा
ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो

1283

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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई
लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं

841

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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है
अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है

किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया
ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है

569

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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई
देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ

553

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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था
ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी

362

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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं
उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़

267

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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है
ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है

ये राह-ए-इश्क़ है इस
में क़दम ऐसे ही उठते हैं
मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है

221

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हम अपनी जान के दुश्मन को अपनी जान कहते हैं
मोहब्बत की इसी मिट्टी को हिंदुस्तान कहते हैं

212

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हज़ार इश्क़ करो लेकिन इतना ध्यान रहे
कि तुम को पहली मोहब्बत की बद-दुआ न लगे

183

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ज़िंदगी किस तरह बसर होगी
दिल नहीं लग रहा मोहब्बत में

163

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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो
तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो

ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा
ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो

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मुह़ब्बत एक ऐसा शब्द है जो स्नेह की गर्मी और जुनून की तीव्रता को समेटे हुए है। अपने मूल अर्थ में, यह एक गहरी भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाता है, जो अक्सर सामान्य स्नेह की सीमाओं को पार कर जाता है। कविता ने इस शब्द को अपनाया है ताकि मानव भावनाओं के विशाल परिदृश्यों का अन्वेषण किया जा सके, कोमलता से लेकर उथल-पुथल तक।

कवि अक्सर 'मुह़ब्बत' का उपयोग रोमांटिक लालसा की गहराई को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह मिलन की खुशी और जुदाई के दर्द दोनों का प्रतीक हो सकता है। इस शब्द को अक्सर 'जुदाई' के साथ विपरीत रूप में प्रयोग किया जाता है ताकि प्रेम की खट्टे-मीठे स्वभाव को उजागर किया जा सके।

मुह़ब्बत मानव संबंध की आत्मा को समेटे हुए है, खुशी और दुख के बीच एक शाश्वत नृत्य।