Meaning of

नादॉं

naadon • نادان

अज्ञानी; भोला

ignorant; naive

ناواقف; بھولا

Persian

याद उस की इतनी ख़ूब नहीं 'मीर' बाज़ आ
नादान फिर वो जी से भुलाया न जाएगा

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बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें
गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी

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हर मुलाक़ात पे सीने से लगाने वाले
कितने प्यारे हैं मुझे छोड़ के जाने वाले

ज़िंदगी भर की मोहब्बत का सिला ले डूबे
कैसे नादाँ थे तिरे जान से जाने वाले

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दिल मेरा चट्टान नहीं है
इतना भी नादान नहीं है

खो कर तुझ को खोने का डर
ये सहना आसान नहीं है

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पहेली ज़िंदगी की कब तू ऐ नादान समझेगा
बहुत दुश्वारियाँ होंगी अगर आसान समझेगा

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वो किसी को याद कर के मुस्कुराया था उधर
और मैं नादान ये समझा कि वो मेरा हुआ

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पूछ मुझ सेे कि तेरे होंठ पे तिल है क्यूँँ कर
ऐसा नुक़्ता कहीं नादान समझते होंगे

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ये नादानी नहीं तो क्या है 'दानिश'
समझना था जिसे समझा रहा हूँ

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कभी उस को हम अपनी रूह का पैकर समझते थे
बहुत नादान थे मक़्तल को अपना घर समझते थे

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कितने नादाँ हैं तेरे भूलने वाले कि तुझे
याद करने के लिए उम्र पड़ी हो जैसे

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याद उस की इतनी ख़ूब नहीं 'मीर' बाज़ आ
नादान फिर वो जी से भुलाया न जाएगा

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बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें
गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी

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मूल रूप से, 'नादॉं' का अर्थ है ज्ञान या अनुभव की कमी। कविता में, यह शब्द अक्सर मासूमियत या भोलापन दर्शाता है, एक ऐसे दिल की पवित्रता को उजागर करता है जो दुनिया की जटिलताओं से अछूता है।

'नादॉं' का उपयोग कवि अक्सर युवावस्था की मासूमियत और वास्तविकता की कठोरता के बीच विरोधाभास दिखाने के लिए करते हैं। यह प्रेम की उस पवित्रता को भी उजागर कर सकता है जो निंदकता से अछूती है।

कविता में, 'नादॉं' एक ऐसा दर्पण बन जाता है जो आत्मा की अछूती सुंदरता को दर्शाता है। यह हमें मासूमियत में पाई जाने वाली कोमल शक्ति की याद दिलाता है।