Meaning of

नाकाम

naakaam • ناکام

असफल; विफल; अधूरा

unsuccessful; failed; unfulfilled

ناکام; نامراد; نامکمل

Persian

बदल जा तू नहीं तो रब का ये पैग़ाम आएगा
तू ज़ालिम हर जगह से बेबस-ओ-नाकाम आएगा

हमारे मुल्क की बर्बादियों का ज़िक्र जब होगा
सर-ए-फ़ेहरिस्त ऐ ज़ालिम तेरा ही नाम आएगा

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दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है
लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है

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करूँँगा क्या जो मोहब्बत में हो गया नाकाम
मुझे तो और कोई काम भी नहीं आता

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मैं कैसे मान लूँ कि इश्क़ बस इक बार होता है
तुझे जितनी दफ़ा देखूँ मुझे हर बार होता है

तुझे पाने की हसरत और डर ना-कामियाबी का
इन्हीं दो तीन बातों से ये दिल दो चार होता है

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मुझे मालूम है उस का ठिकाना फिर कहाँ होगा
परिंदा आसमाँ छूने में जब नाकाम हो जाए

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मिरे सलीक़े से मेरी निभी मोहब्बत में
तमाम उम्र मैं नाकामियों से काम लिया

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हाए रे मजबूरियाँ, महरूमियाँ, नाकामियाँ
इश्क़ आख़िर इश्क़ है, तुम क्या करो, हम क्या करें

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ख़ुद-कुशी करने में भी नाकाम रह जाते हैं हम
कौन अमृत घोल देता है हमारे ज़हर में

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तितलियाँ उड़ती हैं और उन को पकड़ने वाले
सई-ए-नाकाम में अपनों से बिछड़ जाते हैं

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दिल-ख़राशी-ओ-जिगर-चाकी-ओ-ख़ूँ-अफ़्शानी
हूँ तो नाकाम प रहते हैं मुझे काम बहुत

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बदल जा तू नहीं तो रब का ये पैग़ाम आएगा
तू ज़ालिम हर जगह से बेबस-ओ-नाकाम आएगा

हमारे मुल्क की बर्बादियों का ज़िक्र जब होगा
सर-ए-फ़ेहरिस्त ऐ ज़ालिम तेरा ही नाम आएगा

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दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है
लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है

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'नाकाम' अधूरे सपनों और असफल प्रयासों का भार वहन करता है। कविता में, यह उन आकांक्षाओं की उदासी के साथ गूंजता है जो पहुंच से बाहर रहती हैं, मानव असुरक्षा और लालसा की कड़वी-मीठी प्रकृति का सार प्रस्तुत करता है।

कवि अक्सर 'नाकाम' का उपयोग अधूरी इच्छाओं के दुख को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह महत्वाकांक्षा के खंडहरों के बीच खड़े एक अकेले व्यक्ति की छवि को उकेर सकता है। यह शब्द सफलता के विपरीत है, मानव प्रयास की मार्मिकता को उजागर करता है।

'नाकाम' दिल की गहरी इच्छाओं और सपनों और वास्तविकता के बीच अनिवार्य अंतराल को संबोधित करता है। यह मानव आत्मा की दृढ़ता का प्रमाण है।