Meaning of

निखार

nikhaar • نکھار

उन्नति; चमक; परिष्कार

enhancement; glow; refinement

نکھار; چمک; نفاست

Sanskrit

फूलों से उस को निखारा जा रहा है
तितलियों का हक़ भी मारा जा रहा है

ज़ेहन तक सबके उतर जाने की ज़िद थी
हुस्न को फिर क्यूँँ सँवारा जा रहा है

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तुम कली पर निखार आने दो
देखना डाल ख़ुद झटक देगी

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दिलों में हुब्ब-ए-वतन है अगर तो एक रहो
निखारना ये चमन है अगर तो एक रहो

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पहले बेचारी आँखों के निखार उतरते होंगे
तब जा कर इन आँखों से त्योहार उतरते होंगे

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हम क़रीने से निखारे गए हैं
ज़िंदगानी से गुज़ारे गए हैं

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मेरी चाहतों की तपिश तुझे, कभी आँच बनके निखारती
तेरा जिस्म सोने का था मगर, मेरे हाथ से ये हुनर गया

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फूलों से उस को निखारा जा रहा है
तितलियों का हक़ भी मारा जा रहा है

ज़ेहन तक सबके उतर जाने की ज़िद थी
हुस्न को फिर क्यूँँ सँवारा जा रहा है

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तुम कली पर निखार आने दो
देखना डाल ख़ुद झटक देगी

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'निखार' मूल रूप से सुधार या सौंदर्यीकरण की प्रक्रिया को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर व्यक्ति की आंतरिक चमक या भावनाओं के परिष्कार को दर्शाता है, जो एक ऐसा परिवर्तन सुझाता है जो दृश्य और गहन दोनों है।

कवि 'निखार' का उपयोग प्रकृति या मानव चरित्र में सूक्ष्म परिवर्तनों को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह प्रेम के खिलने, विचारों की स्पष्टता, या आत्मा की पवित्रता को दर्शा सकता है, अक्सर नवीनीकरण की भावना को जागृत करता है।

अपनी काव्यात्मक रूप में, 'निखार' परिवर्तन का प्रतीक बन जाता है, जो सौंदर्य और विकास के सार को पकड़ता है।