Meaning of

पैहम

paiham • پےہم

लगातार; निरंतर

constant; perpetual

مسلسل; دائمی

Persian

इश्क़ में बेवफ़ाई-ए-पैहम
हम छुपाया किए मगर न छुपी

1

Download Image

मैं पैहम हार कर ये सोचता हूँ
वो क्या शय है जो हारी जा रही है

76

Download Image

बोले वो बोसा-हा-ए-पैहम पर
अरे कम-बख़्त कुछ हिसाब भी है

23

Download Image

यक़ीं मोहकम अमल पैहम मोहब्बत फ़ातेह-ए-आलम
जिहाद-ए-ज़िंदगानी में हैं ये मर्दों की शमशीरें

22

Download Image

अब नहीं चाहिए शिफ़ा मुझ को
दर्द अब हो मुझे तो पैहम हो

8

Download Image

ज़ख़्म जो दे रहा है पैहम वो
था कभी चारा-गर मोहब्बत में

6

Download Image

आरज़ी थी ज़िन्दगी और दर्द पैहम थे मेरे
दर्द को हम करते कम या ज़िन्दगी को देखते

3

Download Image

मिरी जाँ, दास्तानी थे, मिरी जाँ, दास्तानी
कि पैहम इस कहानी में वहीं के हम वहीं थे

3

Download Image

किस
में ज़हरा इतना है पैहम जो तुझ को देख ले
ये बताओ कौन आशिक़ मुझ सेे बढ़ के हो गया

1

Download Image

इश्क़ में बेवफ़ाई-ए-पैहम
हम छुपाया किए मगर न छुपी

1

Download Image

इश्क़ में बेवफ़ाई-ए-पैहम
हम छुपाया किए मगर न छुपी

1

Download Image

मैं पैहम हार कर ये सोचता हूँ
वो क्या शय है जो हारी जा रही है

76

Download Image

'पैहम' शब्द निरंतरता और अनवरत प्रवाह की भावना को व्यक्त करता है। कविता में, यह अक्सर समय के अथक प्रवाह या प्रेम की स्थायी प्रकृति को दर्शाता है, जो एक अनंत चक्र का सुझाव देता है जो समय को पार कर जाता है।

कवि 'पैहम' का उपयोग भावनाओं की अथक प्रकृति या समय की अडिग गति को जागृत करने के लिए करते हैं। यह शाश्वत प्रेम या भाग्य के खिलाफ निरंतर संघर्ष का प्रतीक हो सकता है।

अपने काव्यात्मक सार में, 'पैहम' अस्तित्व के शाश्वत नृत्य की बात करता है, जहाँ शुरुआत और अंत एक में मिल जाते हैं।