Meaning of

पिंज़रा

pinzra • پنجرہ

पिंजरा; घेरा; बंदी

cage; enclosure; confinement

پنجرہ; احاطہ; قید

Sanskrit

उड़ा आया था उस को पर मेरे बा'द
उसे आज़ादी पिंजरा हो गई थी

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निकाल लाया हूँ एक पिंजरे से इक परिंदा
अब इस परिंदे के दिल से पिंजरा निकालना है

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तुम मुहब्बत से नहीं मुझ सेे ख़फ़ा हो शायद
तुम अगर चाहो तो पिंजरा भी बदल सकते हो

मुंतज़िर हूँ मैं सो नंबर भी नहीं बदलूँगा
और तुम शहर का नक़्शा भी बदल सकते हो

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जो आए मदद को कोई ऐसा भी नहीं है
ये टूट सके मुझ सेे वो पिंजरा भी नहीं है

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फड़फड़ाने लगा है परिंदा भी अब
पिंजरा भी खोल उस को उड़ाना पड़ा

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ख़ुशनुमा थी कभी अपनी तक़दीर भी
रखते थे पर्स में उस की तस्वीर भी

आदत-ए-क़ैद का ये नतीजा हुआ
आ गए ले के पिंजरा भी ज़ंजीर भी

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पर निकलते बेटियों के देख माँ घबरा गई
हर जगह सय्याद बैठा हाथ में पिंजरा लिए

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मायूसी का पिंजरा तोड़ दिया है मैं ने
अब आज़ाद परिंदा हूँ उड़ता फ़िरता हूँ

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उड़ा आया था उस को पर मेरे बा'द
उसे आज़ादी पिंजरा हो गई थी

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निकाल लाया हूँ एक पिंजरे से इक परिंदा
अब इस परिंदे के दिल से पिंजरा निकालना है

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'पिंज़रा' शब्द बंधन और प्रतिबंध की छवियाँ उत्पन्न करता है। कविता में, यह अक्सर समाज की सीमाओं, मानव आत्मा की सीमाओं, या भावनाओं के जाल का प्रतीक होता है।

कवि 'पिंज़रा' का उपयोग स्वतंत्रता के संघर्ष को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह खुले आसमान और मुक्ति के विपरीत, पलायन की लालसा को उजागर करता है।

काव्यिक क्षेत्र में, 'पिंज़रा' आत्मा की स्वतंत्र होने की लालसा का रूपक है। यह मुक्ति की सार्वभौमिक खोज के साथ प्रतिध्वनित होता है।