Meaning of

रजा

raja • رضا

सहमति; संतोष; स्वीकार

consent; satisfaction; acceptance

رضامندی; اطمینان; قبولیت

Arabic

रात कटी नींद की दवाई पर
ख़्वाब पड़े रह गए रज़ाई पर

और किसी से शादी सोची तो
मारा जाएगा वो सगाई पर

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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले
ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है

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ऐसी सर्दी है कि सूरज भी दुहाई माँगे
जो हो परदेस में वो किस सेे रज़ाई माँगे

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मन में एक इरादा होता है ताबिश
राजा पहले प्यादा होता है ताबिश

मानता हूँ मजबूरियाँ थीं कुछ दिक्कत थी
पर वा'दा तो वा'दा होता है ताबिश

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हम में जितने राम हैं सब बन-वास पे हैं
हम में जितने रावण हैं सब राजा हैं

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गिरजा में मंदिरों में अज़ानों में बट गया
होते ही सुब्ह आदमी ख़ानों में बट गया

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जी तो ये चाहता है मर जाएँ
ज़िंदगी अब तिरी रज़ा क्या है

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राज करना चाहता हूँ मैं मगर
सब को नौकर चाहिए राजा नहीं

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दिसम्बर की सर्दी है बस तुम नहीं हो
अकेली रज़ाई से रुकती नहीं ठंड

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कोई राजा हो इक दिन राजधानी छूट जाती है
सिकन्दर आते जाते हैं कहानी छूट जाती है

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रात कटी नींद की दवाई पर
ख़्वाब पड़े रह गए रज़ाई पर

और किसी से शादी सोची तो
मारा जाएगा वो सगाई पर

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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले
ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है

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अपने मूल अर्थ में 'रजा' एक शांत स्वीकृति की बात करता है, घटनाओं के प्रवाह को स्वीकार करने की एक शांतिपूर्ण सहमति। कविता ने इस शब्द को अपनाया है ताकि मानव समर्पण की गहराइयों को, भाग्य की गोद में धीरे से झुकने को, खोजा जा सके।

'रजा' का प्रयोग कवि अक्सर अराजकता के बीच एक चरित्र की आंतरिक शांति को दर्शाने के लिए करते हैं। यह विद्रोह के विपरीत है, स्वीकृति की सुंदरता को उजागर करता है। यह एक शांत आत्मा की गरिमा को भी प्रकट कर सकता है।

कविता में, 'रजा' दिल की शांति की एक कोमल फुसफुसाहट बन जाती है। यह समर्पण में पाई जाने वाली मौन शक्ति है।