Meaning of

स़दा

sada • صدا

आवाज़; ध्वनि; पुकार

voice; sound; call

صوت; آواز; پکار

Arabic

बाप ज़ीना है जो ले जाता है ऊँचाई तक
माँ दुआ है जो सदा साया-फ़गन रहती है

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रहने को सदा दहर में आता नहीं कोई
तुम जैसे गए ऐसे भी जाता नहीं कोई

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उसी को हम सफ़र करना पड़ेगा
नहीं तो दूर तक ख़ाली सड़क है

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छोटी छोटी बातें कर के, बड़े कहाँ हो जाओगे
पतली गलियों से निकलो तो खुली सड़क पर आओगे

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इश्क़ की इक रंगीन सदा पर बरसे रंग
रंग हो मजनूँ और लैला पर बरसे रंग

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सदाएँ देते हुए और ख़ाक उड़ाते हुए
मैं अपने आप से गुज़रा हूँ तुझ तक आते हुए

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किसी के साए को क़ैद करने का एक तरीक़ा बता रहा हूँ
एक उस के आगे चराग़ रख दे, एक उस के पीछे चराग़ रख दे

मैं दिल की बातों में आ गया और उठा के ले आया उस की पायल
दिमाग़ देता रहा सदाएँ, चराग़ रख दे, चराग़ रख दे

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या रब मिरी दु'आओं में इतना असर रहे
फूलों भरा सदा मिरी बहना का घर रहे

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गर कोई मुझ सेे आ कर कहता, यार उदासी है
मैं उस को गले लगाकर कहता, यार उदासी है

होता दरवेश अगर मैं तो फिर सारी दो-पहरी
गलियों में सदा लगाकर कहता, यार उदासी है

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जिन के किरदार से आती हो सदाक़त की महक
उन की तदरीस से पत्थर भी पिघल सकते हैं

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बाप ज़ीना है जो ले जाता है ऊँचाई तक
माँ दुआ है जो सदा साया-फ़गन रहती है

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रहने को सदा दहर में आता नहीं कोई
तुम जैसे गए ऐसे भी जाता नहीं कोई

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मूल रूप से, 'स़दा' ध्वनि या आवाज़ को संदर्भित करता है, जो अक्सर पुकार या प्रतिध्वनि का भार वहन करता है। कविता में, यह भावनाओं की गूंज, समय और स्थान के पार पुकारने वाली आवाज़ की स्थायी उपस्थिति को दर्शाता है।

कवि 'स़दा' का उपयोग स्मृति में बनी रहने वाली आवाज़ की भूतिया गुणवत्ता को उजागर करने के लिए करते हैं। यह प्रिय की पुकार, या अतीत के दुखों की प्रतिध्वनि का प्रतीक हो सकता है।

काव्यात्मक क्षेत्र में, 'स़दा' हृदय की गहरी पुकारों की अनंत प्रतिध्वनि को पकड़ता है।