Meaning of

सलीक़े

saleeqe • سلیقے

तरीके; शिष्टाचार; मर्यादा

manners; etiquette; decorum

طریقے; آداب; شائستگی

Arabic

मेरी मुश्किल को भी आसान किया है मुझ पर
अपनी मेहनत को भी क़ुर्बान किया है मुझ पर

मेरे हाथों में सलीक़े से क़लम पकड़ा कर
मेरे उस्ताद ने एहसान किया है मुझ पर

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वो झूठ बोल रहा था बड़े सलीक़े से
मैं ए'तिबार न करता तो और क्या करता

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यूँँ बे-तरतीब ज़ख़्मों ने बताया राज़ क़ातिल का
सलीक़े से जो मेरा क़त्ल गर होता तो क्या होता

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मिरे सलीक़े से मेरी निभी मोहब्बत में
तमाम उम्र मैं नाकामियों से काम लिया

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दिन सलीक़े से उगा रात ठिकाने से रही
दोस्ती अपनी भी कुछ रोज़ ज़माने से रही

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दिल भी तोड़ा तो सलीक़े से न तोड़ा तुम ने
बे-वफ़ाई के भी आदाब हुआ करते हैं

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अब ऐसे ज़ाविए पर लौ रखी जाने लगी है
चराग़ों के तले भी रौशनी जाने लगी है

नया पहलू सलीक़े से बयाँ करना पड़ेगा
कहानी अब तवज्जोह से सुनी जाने लगी है

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उठा के लाते हैं सहरा से रोज़ ख़ुद को हम
बड़े सलीक़े से इक याद छोड़ आती है

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मेरे दिल की धड़कन बताने लगी है
सलीक़े से दिल को दुखाने लगी है

किसी शख़्स को मैं ने देखा है जब से
पुरानी ग़ज़ल याद आने लगी है

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ले के सहारा सच्चाई का मंचों पर
अंदर की सब राज़ दलाली खोल दिया

नेहा जी ने अंबर जी को सलीक़े से
मुँह पे यूँँ सरकारी औरत बोल दिया

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मेरी मुश्किल को भी आसान किया है मुझ पर
अपनी मेहनत को भी क़ुर्बान किया है मुझ पर

मेरे हाथों में सलीक़े से क़लम पकड़ा कर
मेरे उस्ताद ने एहसान किया है मुझ पर

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वो झूठ बोल रहा था बड़े सलीक़े से
मैं ए'तिबार न करता तो और क्या करता

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मूल रूप में, 'सलीक़े' का अर्थ है वह शिष्टाचार और मर्यादा जो व्यक्ति सामाजिक परिस्थितियों में प्रदर्शित करता है। कविता ने इस शब्द को अपनाया है ताकि मानव संपर्क की गहराईयों को खोजा जा सके, जहाँ मर्यादा आंतरिक गरिमा और शालीनता का प्रतिबिंब बन जाती है।

'सलीक़े' का उपयोग कवि अक्सर बाहरी मर्यादा और आंतरिक उथल-पुथल के बीच विरोधाभास दिखाने के लिए करते हैं। यह एक शांत बाहरी रूप के पीछे छिपी अशांत आत्मा की छवि उत्पन्न कर सकता है। यह शब्द सादगी में निहित सुंदरता और सूक्ष्म शालीनता को भी उजागर करता है।

कविता में, 'सलीक़े' आत्मा की शालीनता का प्रतिबिंब बन जाता है। यह हमें याद दिलाता है कि सच्ची गरिमा भव्य इशारों में नहीं, बल्कि होने की शांत मर्यादा में निहित है।