Meaning of

संदल

sandal • صندل

चंदन; सुगंधित लकड़ी

sandalwood; fragrant wood

چندن; خوشبودار لکڑی

Sanskrit

शिफ़ा की बात आए तो सुख़न की मार मिलती है
दिल-ए-बीमार को उम्मीद भी बीमार मिलती है

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ज़रा से हम ही बेकल हो गए हैं
सभी ग़म वरना ओझल हो गए हैं

जहाँ पैवंदकारी की थी तू ने
वो दिल वीरान जंगल हो गए हैं

हमारा मसअला ही मसअला है
मसाइल साथ के हल हो गए हैं

तेरे गाओं के मुर्दा दिल बसा कर
हमारे शहर बोझल हो गए हैं

उसे इक लम्हे की फ़ुर्सत मिली है
मेरे दिन रात इक पल हो गए हैं

बड़ी ताख़ीर से हम मुस्कुराए
कहा था उस ने पागल हो गए हैं

शजरकारी तेरी यादों में की है
हमारे पेड़ संदल हो गए हैं

वहाँ दरवाज़ा उस ने दिल का खोला
यहाँ रस्ते मुअत्तल हो गए हैं

तेरे कूचे से गुज़रे थे मुसाफ़िर
सुना है पाँव मख़मल हो गए हैं

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एक मुद्दत से दिल-ए-बीमार हूँ मैं
मर्ज़ काफ़ी है मुझे बीमार हूँ मैं

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दिल-ए-बीमार की यारों दवा क्यूँ पूछते हो तुम
तुम्हें मालूम है फिर भी पता क्यूँ पूछते हो तुम

किया जो इश्क़ तो जानाँ नफ़ा नुक़सान मत देखो
मुहब्बत में मिली कैसे सज़ा क्यूँ पूछते हो तुम

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संदली हुस्न को राएगाँ मत करें
मख़मली आशिक़ी ओढ़िए तो सही

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दिल-ए-बीमार कर के छोड़ देना
उसे यूँँ प्यार कर के छोड़ देना

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दिल-ए-बीमार को हर रोज़ ही समझा रहा हूँ मैं
किसी का हो गया है वो मेरा अब कुछ नहीं लगता

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मन का उपवन हर पल संदल होता है
प्यार का अपना वायुमंडल होता है

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फफोले पड़ चुके आँखों में ज़ौक़-ए-दीद बाक़ी है 
बहुत है दूर तू मुझ सेे मगर उम्मीद बाक़ी है 

मेरी जाँ लौट के आजा दिल-ए-बीमार की ख़ातिर
सभी की हो गई है ईद मेरी ईद बाक़ी है

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शिफ़ा की बात आए तो सुख़न की मार मिलती है
दिल-ए-बीमार को उम्मीद भी बीमार मिलती है

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ज़रा से हम ही बेकल हो गए हैं
सभी ग़म वरना ओझल हो गए हैं

जहाँ पैवंदकारी की थी तू ने
वो दिल वीरान जंगल हो गए हैं

हमारा मसअला ही मसअला है
मसाइल साथ के हल हो गए हैं

तेरे गाओं के मुर्दा दिल बसा कर
हमारे शहर बोझल हो गए हैं

उसे इक लम्हे की फ़ुर्सत मिली है
मेरे दिन रात इक पल हो गए हैं

बड़ी ताख़ीर से हम मुस्कुराए
कहा था उस ने पागल हो गए हैं

शजरकारी तेरी यादों में की है
हमारे पेड़ संदल हो गए हैं

वहाँ दरवाज़ा उस ने दिल का खोला
यहाँ रस्ते मुअत्तल हो गए हैं

तेरे कूचे से गुज़रे थे मुसाफ़िर
सुना है पाँव मख़मल हो गए हैं

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'संदल' शब्द चंदन की समृद्ध, शांत सुगंध को दर्शाता है, जो पवित्रता और आध्यात्मिकता का प्रतीक है। कविता में, यह अक्सर शांति और प्रकृति के सुखदायक मरहम का प्रतिनिधित्व करता है, सांसारिक के बीच पवित्रता की एक कोमल याद दिलाता है।

कवि 'संदल' का उपयोग शांति और आध्यात्मिक गहराई की छवियों को बुलाने के लिए करते हैं। यह अक्सर दिव्यता से जुड़ा होता है, जीवन के ताने-बाने में एक सुगंधित धागा बुनता है।

कविता में, 'संदल' दिव्यता की एक कोमल फुसफुसाहट है, रोजमर्रा में पवित्रता की एक सुगंधित याद दिलाता है।