Meaning of

शिकन

shikan • شکن

सिलवट; झुर्री; मोड़

crease; wrinkle; fold

شکن; جھری; تہ

Persian

माथे पर न शिकन दिख जाए, होंठों को सी जाते हैं
हम हँसते-हँसते ही सारे रंज-ओ-ग़म पी जाते हैं

कुछ कुछ पानी के क़तरे सी फ़ितरत पाली है हम ने
गर हाथों से फिसले तो फिर यार फिसल ही जाते हैं

1

Download Image

है अब भी बिस्तर-ए-जाँ पर तिरे बदन की शिकन
मैं ख़ुद ही मिटने लगा हूँ उसे मिटाते हुए

46

Download Image

हमें पसंद सही अब ये रंग मत पहनो
पराए तन पे हमारी उमंग मत पहनो

हमारी रूह पे पड़ती हैं बदनुमा शिकनें
लिबास पहनो मगर इतना तंग मत पहनो

24

Download Image

जब बुलंदी का गुमाँ था तो नहीं याद आई
अपनी परवाज़ से टूटे तो ज़मीं याद आई

वही आँखें कि जो ईमान-शिकन आँखें हैं
उन्हीं आँखों की हमें दावत-ए-दीं याद आई

22

Download Image

सोचो तो सिलवटों से भरी है तमाम रूह
देखो तो इक शिकन भी नहीं है लिबास में

10

Download Image

झोली मेरी ग़मों से भले भर दे ऐ ख़ुदा
लेकिन जबीं पे उस के कभी इक शिकन न हो

6

Download Image

था मैं अय्यार भी वादा-शिकन बस उस से उल्फ़त थी
मगर वो तो फ़रिश्ता था उसे सब से मुहब्बत थी

4

Download Image

नक़्श-ए-जाँ हो गई तहरीर शिकस्त-ए-उल्फ़त
किस तरह वो मिरे माथे की शिकन को भूले

4

Download Image

तेरे रहते उस का चेहरा, कैसे शिकन ओढ़ सकता है?
तू माँ है तो माँ होने का मतलब भी तो समझ सयानी

2

Download Image

खिलाड़ी देवकीनंदन के जैसा सामने हो तो
तजुर्बा लाख हो शकुनी भी चौसर हार जाते हैं

1

Download Image

माथे पर न शिकन दिख जाए, होंठों को सी जाते हैं
हम हँसते-हँसते ही सारे रंज-ओ-ग़म पी जाते हैं

कुछ कुछ पानी के क़तरे सी फ़ितरत पाली है हम ने
गर हाथों से फिसले तो फिर यार फिसल ही जाते हैं

1

Download Image

है अब भी बिस्तर-ए-जाँ पर तिरे बदन की शिकन
मैं ख़ुद ही मिटने लगा हूँ उसे मिटाते हुए

46

Download Image

शिकन उन सूक्ष्म रेखाओं को पकड़ती है जो समय और अनुभव सतहों पर उकेरते हैं, चाहे वह त्वचा हो या कपड़ा। कविता में, यह समय के गुजरने और आत्मा पर छोड़े गए निशानों का प्रतीक है। यह जीवन की अस्थिरता की कोमल याद दिलाती है।

कवि 'शिकन' का उपयोग उम्र बढ़ने और समय के गुजरने के विषयों का पता लगाने के लिए करते हैं। यह अपूर्णता में पाई जाने वाली सुंदरता और हर झुर्री द्वारा बताई गई कहानियों को व्यक्त कर सकता है। यह शब्द अक्सर युवावस्था के विपरीत होता है, उम्र के साथ आने वाली बुद्धिमत्ता को उजागर करता है।

शिकन जीवन की यात्रा की सुंदरता का प्रमाण है, जहाँ प्रत्येक रेखा अपनी कहानी कहती है।