Meaning of

शुहरत

shuhrat • شہرت

प्रसिद्धि; ख्याति

fame; renown

شہرت; ناموری

Arabic

तेरी शोहरत ने तुझ को चाहने वाला दिया लेकिन
बता ऐ बे-वफ़ा लड़की वो लोफ़र क्यूँ नहीं आता

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दौलत शोहरत बीवी बच्चे अच्छा घर और अच्छे दोस्त
कुछ तो है जो इन के बा'द भी हासिल करना बाक़ी है

कभी-कभी तो दिल करता है चलती रेल से कूद पड़ूॅं
फिर कहता हूँ पागल अब तो थोड़ा रस्ता बाक़ी है

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सुब्ह-ए-मग़रूर को वो शाम भी कर देता है
शोहरतें छीन के गुमनाम भी कर देता है

वक़्त से आँख मिलाने की हिमाकत न करो
वक़्त इंसान को नीलाम भी कर देता है

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दौलतें हों शोहरतें हों क़ामयाबी चार-सू
आदमी दर आदमी अब सौ तरह की प्यास हैं

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शोहरत की बुलंदी भी पल भर का तमाशा है
जिस डाल पे बैठे हो वो टूट भी सकती है

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मेरी शोहरत के तक़ाज़े ही अलग थे ताबिश
गुमशुदा रहते हुए नाम कमाना था मुझे

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इतनी शोहरत तो मेरी आज भी इस शहर में है
एक पत्ता न हिले मेरी इजाज़त के बग़ैर

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दौलत शोहरत जैसी छोटी चीज़ों का
ख़ुद्दारी के आगे कोई मोल नहीं

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क्या पूछते हो कौन है ये किस की है शोहरत
क्या तुम ने कभी 'दाग़' का दीवां नहीं देखा

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उस के दिल की आग ठंडी पड़ गई
मुझ को शोहरत मिल गई इल्ज़ाम से

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तेरी शोहरत ने तुझ को चाहने वाला दिया लेकिन
बता ऐ बे-वफ़ा लड़की वो लोफ़र क्यूँ नहीं आता

16

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दौलत शोहरत बीवी बच्चे अच्छा घर और अच्छे दोस्त
कुछ तो है जो इन के बा'द भी हासिल करना बाक़ी है

कभी-कभी तो दिल करता है चलती रेल से कूद पड़ूॅं
फिर कहता हूँ पागल अब तो थोड़ा रस्ता बाक़ी है

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'शुहरत' शब्द प्रसिद्धि के आकर्षण और बोझ को समेटे हुए है। यह सार्वजनिक पहचान का सुझाव देता है जो गर्व का स्रोत हो सकता है और अलगाव का कारण भी। कविता में, यह अक्सर प्रशंसा और गलतफहमी के द्वंद्व को दर्शाता है।

कवि 'शुहरत' का उपयोग सार्वजनिक जीवन की जटिलताओं में गहराई से जाने के लिए करते हैं। यह सुर्खियों में रहने की अकेलेपन या प्रसिद्धि की क्षणभंगुर प्रकृति को चित्रित कर सकता है। यह शब्द अस्पष्टता के विपरीत है, प्रसिद्धि की क्षणिकता को उजागर करता है।

काव्यिक परिदृश्य में, 'शुहरत' महिमा की क्षणभंगुर प्रकृति का दर्पण है। यह पहचान के सच्चे सार पर चिंतन का आमंत्रण देता है।