Meaning of

सियह

siyah • سیہ

काला; अंधेरा; उदास

black; dark; gloomy

سیاہ; تاریک; اداس

Persian

बहारें हों या वीरानी से सब जंगल गुज़रते हैं
रुदन हो हास्य हो सब को बराबर बाँटता है वो

0

Download Image

ईद के रोज़ यही अपनी दुआ है रब से
मुल्क में अमन का, उलफ़त का बसेरा हो जाए

हर परेशानी से हर शख़्स को मिल जाए नजात
इस सियह रात का बस जल्द सवेरा हो जाए

25

Download Image

मैं भटकता ही रहा दश्त-ए-शनासाई में
कोई उतरा ही नहीं रूह की गहराई में

क्या मिलाया है बता जाम-ए-पज़ीराई में
ख़ूब नश्शा है तेरी हौसला-अफ़जाई में

तेरी यादों की सुई, प्रेम का धागा मेरा
काम आए हैं बहुत ज़ख़्मों की तुरपाई में

डस रही है ये सियह-रात की नागिन मुझ को
भर रही ज़हर-ए-ख़मोशी, रग-ए-तन्हाई में

सुर्मा-ए-मक्र-ओ-फ़रेब आँखों में जब से है लगा
तब से है ख़ूब इज़ाफ़ा हद-ए-बीनाई में

फ़िक्र-ओ-फ़न, रंग-ए-तग़ज़्ज़ुल, न ग़ज़ल की ख़ुशबू
बस लगा रहता हूँ मैं क़ाफ़िया-पैमाई में

सीख पानी से हुनर काम 'अनीस' आएगा
दौड़ कर ख़ुद ही चला आता है गहराई में

13

Download Image

बहारें हों या वीरानी से सब जंगल गुज़रते हैं
रुदन हो हास्य हो सब को बराबर बाँटता है वो

0

Download Image

ईद के रोज़ यही अपनी दुआ है रब से
मुल्क में अमन का, उलफ़त का बसेरा हो जाए

हर परेशानी से हर शख़्स को मिल जाए नजात
इस सियह रात का बस जल्द सवेरा हो जाए

25

Download Image

'सियह' अंधकार के सार को पकड़ता है, जो शाब्दिक और रूपक दोनों है। यह रात के रहस्य, छायाओं की गहराई और उदासी के गंभीर सुरों को व्यक्त करता है।

कवि 'सियह' का प्रयोग अक्सर रहस्य, दुःख और अज्ञात विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह प्रकाश के विपरीत हो सकता है, अंधकार की गहराई में मिलने वाली सुंदरता को उजागर करता है।

'सियह' छाया की आलिंगन है, आत्मा के गहरे चिंतन के लिए एक कैनवास है।