Meaning of

सोग

sog • سوگ

शोक; दुःख; विलाप

mourning; grief; lamentation

سوگ; غم; ماتم

Persian

कोशिशें मैं लाख करता हूँ मनाने के लिए
तुम भी तरसोगे मुझे अपना बनाने के लिए

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जो तेरे साथ रहते हुए सोगवार हो
लानत हो ऐसे शख़्स पे और बेशुमार हो

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इसीलिए मैं बिछड़ने पर सोगवार नहीं,
सुकून पहली ज़रूरत है, तेरा प्यार नहीं!

जवाब ढ़ूंढ़ने में उम्र मत गँवा देना,
सवाल करती है दुनिया पर एतबार नहीं

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इस बंजर का तुम हल बनके
बरसोगे कब तुम जल बनके

तुम याद करो मैं निकलूँगा
परछाई से हलचल बनके

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मुझे पता है कि बर्बाद हो चुका हूँ मैं
तू मेरा सोग मना मुझ को सोगवार न कर

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है आज ये गिला कि अकेला है 'शहरयार'
तरसोगे कल हुजूम में तन्हाई के लिए

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तेरे मेहमान के स्वागत का कोई फूल थे हम
जो भी निकला हमें पैरों से कुचल कर निकला

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मैं आज सोग मनाना सिखाने वाला हूँ
इधर को आएँ जिन्हें महव-ए-यास होना है

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ऐसा नहीं कि मुझ को कोई सोगवारी है
देखो न अब भी इश्क़ तिरे बा'द जारी है

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आए ग़म-गुसार और मुझ से यूँँ की बात
जैसे कोई सोग में करे सुकूँ की बात

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कोशिशें मैं लाख करता हूँ मनाने के लिए
तुम भी तरसोगे मुझे अपना बनाने के लिए

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जो तेरे साथ रहते हुए सोगवार हो
लानत हो ऐसे शख़्स पे और बेशुमार हो

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'सोग' शब्द गहरे दुःख और शोक की भावना को व्यक्त करता है, जो अक्सर किसी प्रियजन के खोने से जुड़ा होता है। कविता में, यह उस गहन मौन और खालीपन को पकड़ता है जो ऐसे नुकसान के बाद आता है, और अव्यक्त दुःख और यादों के बोझ का रूपक बन जाता है।

'सोग' का उपयोग कवि व्यक्तिगत क्षति की गहराई को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर रात के मौन आंसुओं, बिछड़े हुए स्वर की गूंज, या दिल में बसी स्मृति की छाया का वर्णन करने वाली पंक्तियों में प्रकट होता है।

कविता की दुनिया में, 'सोग' दिल के गहरे दुःखों का मौन साथी बन जाता है।