Meaning of

सुहबत

suhbat • صحبت

संगति; साथ

companionship; association

صحبت; رفاقت

Arabic

मेरी सोहबत में ख़ुद डूबने लग गया
दे रहा था जो तिनका सहारा मुझे

3

Download Image

उन की सोहबत में गए सँभले दोबारा टूटे
हम किसी शख़्स को दे दे के सहारा टूटे

ये अजब रस्म है बिल्कुल न समझ आई हमें
प्यार भी हम ही करें दिल भी हमारा टूटे

95

Download Image

बहुत हसीन सही सोहबतें गुलों की मगर
वो ज़िंदगी है जो काँटों के दरमियाँ गुज़रे

50

Download Image

तुम्हारी गालियों का अब असर होता नहीं मुझ पर
ज़रा ही देर बैठा था मैं सोहबत में फकीरों की।

33

Download Image

भूलती कब हैं भला पिछली रुतों की सोहबतें
हंस बैठा ही रहा सूखे हुए तालाब पर

22

Download Image

उस को तो मुझ सेे मोहब्बत ही नहीं होती माँ
तुम तो कहती थीं कि सोहबत का असर आता है

5

Download Image

मुझ पर निगाह-ए-नाज़ का जब जादू चल गया
मैं रफ़्ता रफ़्ता क़ैस की सोहबत में ढल गया

ज़ुल्फें उन्होंने खोल के बिखराई थी शजर
फिर देखते ही देखते मौसम बदल गया

4

Download Image

एक तो ख़ुद मेरी आदत ख़राब है
और तो और मेरी सोहबत ख़राब है

ख़ुद ही रहता हूँ क़िस्मत के भरोसे
ख़ुद ही कहता हूँ क़िस्मत ख़राब है

4

Download Image

ये पागल लोग जिन के रंग में भी धर्म होता है
पढ़ें गीता तो जाने धर्म मतलब कर्म होता है

जिसे सोहबत मिले कान्हा की मिथ्या जाने दुनिया को
उसे ख़तरा नहीं है जिस को शिव का मर्म होता है

4

Download Image

इश्क़-ए-अहमद जिसे मुयस्सर नईं
ख़ुल्द भी उस का फिर मुक़द्दर नईं

आप की सोहबतों के सदक़े में
क्या है वो चीज़ जो मुअत्तर नईं

3

Download Image

मेरी सोहबत में ख़ुद डूबने लग गया
दे रहा था जो तिनका सहारा मुझे

3

Download Image

उन की सोहबत में गए सँभले दोबारा टूटे
हम किसी शख़्स को दे दे के सहारा टूटे

ये अजब रस्म है बिल्कुल न समझ आई हमें
प्यार भी हम ही करें दिल भी हमारा टूटे

95

Download Image

मूल रूप से, 'सुहबत' का अर्थ है संगति या साथ। यह साझा क्षणों, वार्तालापों और मानवीय संबंधों की गर्मजोशी की छवियाँ प्रस्तुत करता है। कविता में, यह शब्द भावनात्मक और आध्यात्मिक बंधनों को समेटता है जो ऐसी संगतियों के माध्यम से बनते हैं।

'सुहबत' का उपयोग कवि अक्सर मित्रता और प्रेम के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह प्रियजनों के साथ बिताए गए अनमोल क्षणों या ऐसी संगतियों की लालसा को दर्शा सकता है। यह शब्द एकांत के विपरीत है, साझा अनुभवों की समृद्धि को उजागर करता है।

सुहबत मानवीय संबंध के सार को पकड़ता है, एक ऐसा विषय जो कविता में गहराई से गूंजता है। यह हमें एकता में पाई जाने वाली सुंदरता की याद दिलाता है।