
ये पागल लोग जिन के रंग में भी धर्म होता है
पढ़ें गीता तो जाने धर्म मतलब कर्म होता है
जिसे सोहबत मिले कान्हा की मिथ्या जाने दुनिया को
उसे ख़तरा नहीं है जिस को शिव का मर्म होता है
— Prit
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