Meaning of

मिथ्या

mithya • متھیا

झूठा; भ्रम; धोखा

false; illusion; deceit

جھوٹا; فریب; دھوکہ

Sanskrit

शंकराचार्य ने जो विगत में कहा आज देखो वो कितना विगत हो गया ब्रह्म ही सत्य है लोक मिथ्या है तो तुम ग़लत हो गई मैं ग़लत हो गया — Rakesh Mahadiuree

मिथ्या उस चीज़ का विचार व्यक्त करता है जो वास्तविक प्रतीत होती है लेकिन अंततः झूठी या धोखेबाज़ होती है। कविता में यह अक्सर जीवन के भ्रम, सांसारिक सुखों की क्षणभंगुरता, और गहरी सच्चाइयों को छुपाने वाले धोखेबाज़ मुखौटों का प्रतीक होता है।

कवि 'मिथ्या' का उपयोग वास्तविकता बनाम भ्रम, जीवन की क्षणभंगुरता, और धोखे के बीच सत्य की खोज की थीम में गहराई से जाने के लिए करते हैं।

मिथ्या सत्य की प्रकृति और उसे छुपाने वाले पर्दों पर चिंतन के लिए आमंत्रित करता है।