Meaning of

सुख़न-फ़हम

sukhan-fahm • سخن فہم

कविता की समझ; वाक्पटुता की सराहना

understanding of poetry; appreciation of eloquence

شاعری کی سمجھ; فصاحت کی قدر

Persian

मैं नहीं चाहता हूँ आप सुख़न-फ़हमी हों दोस्त
मैं नहीं चाहता हूँ आप को तन्हा करें आप

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सुख़न-फ़हमों की बस्ती में सुख़न की ज़िन्दगी कम है
जहाँ शाइ'र ज़ियादा हैं वहाँ पर शा'इरी कम है

मैं जुगनू हूँ उजाले में भला क्या अहमियत मेरी
वहाँ ले जाइए मुझ को जहाँ पर रौशनी कम है

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तुम को दावा है सुख़न-फ़हमी का
जाओ 'ग़ालिब' के तरफ़-दार बनो

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मैं नहीं चाहता हूँ आप सुख़न-फ़हमी हों दोस्त
मैं नहीं चाहता हूँ आप को तन्हा करें आप

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सुख़न-फ़हमों की बस्ती में सुख़न की ज़िन्दगी कम है
जहाँ शाइ'र ज़ियादा हैं वहाँ पर शा'इरी कम है

मैं जुगनू हूँ उजाले में भला क्या अहमियत मेरी
वहाँ ले जाइए मुझ को जहाँ पर रौशनी कम है

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सुख़न-फ़हम का मूल अर्थ है वह व्यक्ति जो कविता और वाक्पटुता की गहरी समझ रखता हो। यह केवल पढ़ने या सुनने तक सीमित नहीं है, बल्कि शब्दों की आत्मा को महसूस करने की बात है। कविता में, इस शब्द का विस्तार उन लोगों के लिए किया गया है जो छंदों में सूक्ष्म भावनाओं और अनकहे गहराई को महसूस कर सकते हैं।

कवि अक्सर 'सुख़न-फ़हम' का उपयोग एक विवेकशील श्रोता या प्रिय के लिए करते हैं जो वास्तव में कवि के दिल को समझता है। यह उन लोगों के विपरीत है जो सुनते हैं लेकिन सुनते नहीं, देखते हैं लेकिन समझते नहीं।

'सुख़न-फ़हम' होना अनकही सुंदरता के क्षेत्र में निवास करना है। यह एक दुर्लभ उपहार है, दिल और शब्द के बीच का पुल।