Meaning of

ता'न

ta'an • طعن

तिरस्कार; व्यंग्य; आलोचना

reproach; taunt; criticism

ملامت; طنز; تنقید

Arabic

ये लो ख़ंजर जितने भी हैं शिक़वे तुम बस ख़त्म करो
इक ग़लती पर ता'ने देना बारी-बारी ठीक नहीं

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कोई समुंदर, कोई नदी होती कोई दरिया होता
हम जितने प्यासे थे हमारा एक गिलास से क्या होता

ता'ने देने से और हम पे शक करने से बेहतर था
गले लगा के तुम ने हिजरत का दुख बाट लिया होता

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दुनिया के ता'ने सह लेता हूँ
इक अच्छा बेटा कहलाना है

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अव्वल तो सर को मेरे शाने देता
यार पुराना होता तो जाने देता

इश्क़ कमर कस लेता है वर्ना लड़की
तुझ जैसी को तो भरकर ता'ने देता

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वक़्त बुरा होता है तो सारी दुनिया
बात नहीं सुनती है ता'ने देती है

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ता'ने, मौन शिकायत, लहजा़, और कहानी सी बातें
तेरे मुँह से जो भी निकले, सब कविता सा लगता है

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बड़ा होकर जो छोटे लोगों की ताज़ीम करता है
ज़माना ऐसे ही इंसान को तसलीम करता है

चलो छोड़ो सियासत के पुराने ता'ने बाने को
यही वो फ़लसफ़ा है जो हमें तक़्सीम करता है

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भीक माँगी तो सुने काम के ता'ने मैं ने
काम माँगा तो कोई काम नहीं दे पाया

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मैं लिक्खूँगा ज़माने एक दिन तेरे ये ता'ने सब
अभी मसरूफ़ हूँ बस यूँ जरा बनने बिगड़ने में

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रोज़ वही इक मायूसी मारे जाती है
रोज़ वही इक ज़िंदा रहने के ता'ने हैं

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ये लो ख़ंजर जितने भी हैं शिक़वे तुम बस ख़त्म करो
इक ग़लती पर ता'ने देना बारी-बारी ठीक नहीं

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कोई समुंदर, कोई नदी होती कोई दरिया होता
हम जितने प्यासे थे हमारा एक गिलास से क्या होता

ता'ने देने से और हम पे शक करने से बेहतर था
गले लगा के तुम ने हिजरत का दुख बाट लिया होता

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मूल रूप से, 'ता'न' एक तीव्र और अक्सर दर्दनाक आलोचना का भार वहन करता है। कविता में, यह भावनात्मक गहराई का उपकरण बन जाता है, जहाँ शब्दों की चुभन दिल की आंतरिक उथल-पुथल को दर्शाती है।

'ता'न' का उपयोग कवि अक्सर अनकहे शब्दों की कड़वाहट व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह मौन और वाणी के बीच के तनाव को उजागर करता है। यह शब्द प्रेमी की तिरस्कारपूर्ण दृष्टि या मित्र की तीखी टिप्पणी की छवि को उभार सकता है।

कविता के क्षेत्र में, 'ता'न' केवल आलोचना नहीं रह जाता; यह अनकहे भावनाओं की गूंज बन जाता है।