Meaning of

ताख़ीर

taakheer • تاخیر

विलंब; स्थगन

delay; postponement

تاخیر; التوا

Arabic

गिराँ थी क़ल्ब-ए-मुफ़क्किर पे खोखली गुफ़्तार
इसी लिए तो न ताख़ीर तक चली गुफ़्तार

हम अपने दिल का शग़ब दिल में रख के लौट गए
कि कर के ख़ुश थे अहिब्बा सड़ी गली गुफ़्तार

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ज़रा सी देर कोई मुझ
में रूनुमा हुआ था
फिर उस के बा'द नहीं जानता मैं क्या हुआ था

नए गुनाह की मुझे इस लिए इजाज़त है
मैं पिछले जुर्म में ताख़ीर से रिहा हुआ था

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पते पर जल्द पहुँचे या कि कुछ ताख़ीर से पहुँचे
है कितनी अहमियत ख़त की ये नामाबर नहीं समझा

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ज़रा से हम ही बेकल हो गए हैं
सभी ग़म वरना ओझल हो गए हैं

जहाँ पैवंदकारी की थी तू ने
वो दिल वीरान जंगल हो गए हैं

हमारा मसअला ही मसअला है
मसाइल साथ के हल हो गए हैं

तेरे गाओं के मुर्दा दिल बसा कर
हमारे शहर बोझल हो गए हैं

उसे इक लम्हे की फ़ुर्सत मिली है
मेरे दिन रात इक पल हो गए हैं

बड़ी ताख़ीर से हम मुस्कुराए
कहा था उस ने पागल हो गए हैं

शजरकारी तेरी यादों में की है
हमारे पेड़ संदल हो गए हैं

वहाँ दरवाज़ा उस ने दिल का खोला
यहाँ रस्ते मुअत्तल हो गए हैं

तेरे कूचे से गुज़रे थे मुसाफ़िर
सुना है पाँव मख़मल हो गए हैं

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हमारे ही जनाज़े पर निखिल हम देर से पहुँचे
परेशाँ हैं हमारी आदत-ए-ताख़ीर से हम तो

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दिल मेरा छोड़ आया उस के पास
उस से ताख़ीर से मिला था मैं

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मुझ को मरवा के ही छोड़ेगी ये ताख़ीर मेरी
उस की गर्दन पे जो रुक जाए है शमशीर मेरी

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बहुत ताख़ीर से पाया है ख़ुद को
मैं अपने सब्र का फल हो गई हूँ

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गिराँ थी क़ल्ब-ए-मुफ़क्किर पे खोखली गुफ़्तार
इसी लिए तो न ताख़ीर तक चली गुफ़्तार

हम अपने दिल का शग़ब दिल में रख के लौट गए
कि कर के ख़ुश थे अहिब्बा सड़ी गली गुफ़्तार

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ज़रा सी देर कोई मुझ
में रूनुमा हुआ था
फिर उस के बा'द नहीं जानता मैं क्या हुआ था

नए गुनाह की मुझे इस लिए इजाज़त है
मैं पिछले जुर्म में ताख़ीर से रिहा हुआ था

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मूल रूप में 'ताख़ीर' समय के फिसलने की भावना को दर्शाता है, एक ऐसा ठहराव जो अनिश्चितता में बदल जाता है। कविता में यह अक्सर प्रतीक्षा, खोए हुए अवसरों या समय के धीमे प्रवाह का रूपक बन जाता है।

'ताख़ीर' का उपयोग कवि प्रतीक्षा की मधुर-कड़वी प्रकृति को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह प्रेमियों के बीच की दूरी या लंबे समय से प्रतीक्षित क्षण की प्रतीक्षा का प्रतीक हो सकता है।

कविता में 'ताख़ीर' समय और इच्छा के भावनात्मक परिदृश्यों की खोज का एक कैनवास बन जाता है।