Meaning of

तआम

taam • طعام

भोजन; खाना

food; meal

کھانا; طعام

Arabic

इब्तिदा-ए-इश्क़ इक कमज़ोर लम्हे की कहानी
इख़्तिताम-ए-इश्क़ लेकिन दास्ताँ इक उम्र भर की

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ये मोहब्बत के महल तामीर करना छोड़ दे
मैं भी शहज़ादा नहीं हूँ तू भी शहज़ादी नहीं

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दुआए माँगते हैं इसीलिए अपने उजड़ने की
हमें तो यार तेरे हाथ से तामीर होना हैं

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मेरे होंठों के तबस्सुम में ग़ज़ल देखोगे
ये मेरे साथ फ़क़त आज न कल देखोगे

कल तलक ख़्वाब में करता था मैं जिस की तामीर
अब से कमरे में मेरे ताज-महल देखोगे

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इक बार अपनी माँ को मोहब्बत से देख ले
जिस को भी हुस्न-ए-ताम का मतलब नहीं पता

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ये ग़ज़ल इख़्तिताम तक जाए
या'नी अपने मक़ाम तक जाए

इब्तिदा हो हुरूफ़-ए-शीन के साथ
इंतिहा सुनिए लाम तक जाए

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अभी कुछ दाएरे खींचे हैं मैं ने
अभी तामीर ख़ुद की कर रहा हूँ

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एक ही शख़्स इब्तिदा है मिरी
एक ही शख़्स इख़्तिताम मिरा

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तामीर से बस्ती कोई आबाद नहीं है
दीवार गिरा देने से रस्ता नहीं होता

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है तामीर जिस की गुनाहों पे 'माहिर'
वो शोहरत किसी रोज़ नीलाम होगी

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इब्तिदा-ए-इश्क़ इक कमज़ोर लम्हे की कहानी
इख़्तिताम-ए-इश्क़ लेकिन दास्ताँ इक उम्र भर की

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ये मोहब्बत के महल तामीर करना छोड़ दे
मैं भी शहज़ादा नहीं हूँ तू भी शहज़ादी नहीं

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मूल अर्थ में 'तआम' का मतलब सिर्फ भोजन या खाना होता है। लेकिन कविता में, यह अक्सर आत्मा के लिए पोषण का विचार प्रस्तुत करता है। यह एकत्र होने, जीवन और कहानियों को साझा करने का संकेत देता है, जहां खाने का कार्य एकता और संबंध का प्रतीक बन जाता है।

'तआम' का उपयोग कवि भोज और सभाओं की छवियों को उभारने के लिए करते हैं। यह संदर्भ के अनुसार प्रचुरता या कमी का प्रतीक हो सकता है। यह शब्द अक्सर भौतिक और भावनात्मक भूख के साथ विरोधाभास करता है, मानव संबंध की आवश्यकता को उजागर करता है।

तआम केवल पोषण नहीं है; यह साझा अस्तित्व का प्रतीक है। कविता में, यह आत्मा को उतना ही पोषण देता है जितना शरीर को।