Meaning of

तब्बसुम-ए-लब

tabbasum-e-lab • تبسم لب

होठों की मुस्कान; कोमल मुस्कान

smile of the lips; gentle smile

ہونٹوں کی مسکراہٹ; نرم مسکراہٹ

Arabic

तुम बहुत ही हसीन हो लड़की
चाँद भी शर्म शार है ख़ुद पर

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मैं ने रक्खा है हमेशा ही तबस्सुम लब पर
रो दिया क्यूँँ मिरे हालात समझने वाला

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है नार दोस्तों कसरत से मुंतज़िर उन की
ग़म-ए-हुसैन में जो कारोबार करते हैं

ये सब हैं गुलशन-ए-हैदर के गुल शजर ज़ैदी
ये गुल तब्बसुम-ए-लब से शिकार करते हैं

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सितम को कर दिया रुस्वा तबस्सुम-ए-लब से
अली के शे'र तेरा फन बड़ा निराला है

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मैं आज बैठ के फ़ुर्सत के साथ गुलशन में
तबस्सुम-ए-लब-गुल पर ग़ज़ल लिखूँगा शजर

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मरीज़-ए- इश्क़ से उस का हाल मत पूछा करो तुम
तबस्सुम लब-कुशा लहजा, झूठ होगा ठीक ही हूँ

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हमारा यहाँ कौन है जो
मुझे भी यहाँ मार देगा

नहीं इश्क़ खैरात करता
मुझे वो दुआ शार देगा

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तुम बहुत ही हसीन हो लड़की
चाँद भी शर्म शार है ख़ुद पर

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मैं ने रक्खा है हमेशा ही तबस्सुम लब पर
रो दिया क्यूँँ मिरे हालात समझने वाला

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यह वाक्यांश उस कोमल और सूक्ष्म अभिव्यक्ति को दर्शाता है जो एक मुस्कान खुशी या संतोष के रूप में प्रकट करती है। कविता में, यह अक्सर उन अनकहे भावनाओं का प्रतीक होता है जो सतह के ठीक नीचे छिपी होती हैं, होठों की कोमल वक्रता में समाहित होती हैं।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग मौन संचार के क्षणों को पकड़ने के लिए करते हैं। यह छिपे हुए प्रेम या प्रेमियों के बीच एक शांत समझ का संकेत दे सकता है। मुस्कान दिलों के बीच एक पुल बन जाती है, अनकही फिर भी गहराई से महसूस की जाती है।

मुस्कान की शांत सुंदरता में, भावनाओं की पूरी दुनिया खुल जाती है।