
है नार दोस्तों कसरत से मुंतज़िर उन की
ग़म-ए-हुसैन में जो कारोबार करते हैं
ये सब हैं गुलशन-ए-हैदर के गुल शजर ज़ैदी
ये गुल तब्बसुम-ए-लब से शिकार करते हैं
— Shajar Abbas
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